बीरबल की खिचड़ी: सम्पूर्ण लघुकथा: । Birbal Ki Khichadi Story In Hindi

Birbal Ki Khichadi Story In Hindi

एक बार की बात है बादशाह अकबर अपने मंत्रियों के साथ शाही बाग में टहल रहे थे। दिसंबर का मौसम था तो ठंड बहुत तीव्र थी। बढ़ती ठंड को देख बादशाह ने एक अचंभित कर देने वाली घोषणा की कि जो भी इंसान इस भरी ठंड में सारी रात नदी के ठंडे पानी में खड़े होकर गुजरेगा उसे हम शाही खजाने से नामित करेंगे।

ठंडी इतनी भयंकर और जानलेवा थी कि नदी के ठंडे पानी में खड़े रहना तो दूर लोग अपने घरों से निकलने में भी कतरा रहे थे। आखिरकार यह शर्त कबूली एक गरीब धोबी ने जो शाही पुरस्कार जीतकर अपनी और अपने परिवार की दो वक्त की भूख मिटाना चाहता था।

धोबी ने सारी रात नदी के ठंडे पानी में खड़े होकर बिता दी। सुबह जब वह बादशाह अकबर के पास भरी सभा में अपना पुरस्कार लेने के लिए पहुंचा तो अकबर ने धोबी से पूछा कि “उसने यह कारनामा कैसे कर दिखाया, जबकि इतनी ठंड में जीवित बच पाना नामुमकिन था”।

Birbal Ki Khichadi Story In Hindi
Birbal Ki Khichdi Story In Hindi

तब धोबी ने बादशाह अकबर को बताया कि “जहापना, मैं कल सारी रात महल की छत पर चलते हुए चिराग को देखता रहा उसी की शक्ति से मैं सारी रात नदी में खड़ा रह सका”।

धोबी के इस जवाब को सुनकर अकबर क्रोधित होते हुए बोला – ” इसका मतलब तुम हमारे चिराग की तपन के कारण सारी रात पानी में खड़े रह सके इसीलिए तुम इस पुरस्कार के हकदार नहीं हो”।

धोबी उदास होकर सीधा बीरबल के पास पहुंचा और सारी आपबीती बीरबल को सुना डाली। धोबी की सारी बात सुन बीरबल ने उसे सांत्वना देते हुए घर भेज दिया और उसे पुरस्कार दिलाने का वचन दे दिया।

अगले दिन जब बीरबल राज्य सभा में उपस्थित नहीं हुए तो बादशाह ने सैनिकों को आदेश दिया कि तुरंत जाकर बीरबल को बुला लाए। थोड़ी देर बाद जब सैनिक वापस दरबार में पहुंचे तो उन्होंने बताया कि बीरबल अभी खिचड़ी बनाने में व्यस्त हैं और उन्होने कहां है कि वह खिचड़ी बनाकर ही दरबार में उपस्थित होंगे।

Birbal Ki Khichadi Story In Hindi.
Birbal Ki Khichdi Story In Hindi

लेकिन जब दो घंटे गुजर जाने के बाद भी बीरबल दरबार में उपस्थित नहीं हुए तो अकबर खुद अपने मंत्री गणों के साथ बीरबल के घर पहुंचे और देखते हैं कि बीरबल दो बड़े बांसों के बीच एक हांडी लटका कर नीचे आग जलाए हुए हैं, जिसे देख बादशाह हंसते हुए बोले – “यह क्या मुर्खता कर रहे हो बीरबल”?

बीरबल – बादशाह मैं खिचड़ी पका रहा हूं।

अकबर – लेकिन बीरबल तुमने हांडी इतनी ऊपर लटकाई है, भला आग की तपन हांडी तक कैसे पहुंचेगी ?

बीरबल – जहापना इसकी तपन हांडी तक वैसे ही पहुंचेगी जैसे धोबी तक महल की छत पर रखे चिराग की तपन पहुंच रही थी।

बादशाह अकबर बीरबल का यह उत्तर सुनकर लज्जित हुए उन्होंने धोबी को तुरंत ढूंढ लाने और पुरस्कृत करने का आदेश जारी कर दिया।

Related Post

अकबर-बीरबल की रोचक कथा: सोने का खेत

You may also like...

2 Responses

  1. Varun Sharma says:

    Very Nice Writing Keep it Up. I like your stories. Thanks for publish.

  2. Alia says:

    Nice Story Man Publish More Like This.

Leave a Reply

Your email address will not be published.